नेहरु का भूत
कैब के ड्राईवर ने बताया की दिल्ली में गाड़ी चले और ठुके न, यह मुमकिन नहीं| जब सड़क पे घोड़े चलते होंगे तब ऐसा नहीं होता होगा, इन्टरनेट पे एक अंग्रेज़ ने बताया की घोड़े अध्यात्मिक होते है, वो भारतीय रहस्यवाद और आध्यात्म के नशे में था, मैंने उस अँगरेज़ से पुछा की क्या आप शाहरुख़ खान को जानते हैं, एक भारतीय के नाते मेरा यह जानना बहुत ज़रूरी था, पर उसकी इसमें रूचि नहीं थी, वो बार बार घोड़े की बात कर रहा था, हॉर्सपॉवर...हार्सपावर दोहराते रहता| मैंने उसे भारतीय रहस्यवाद के विषय में बहुत अहम बात बता डाली, की कार में घोड़ो के भूत होते हैं, मैंने बोला ऐसा साधू-संत कहते हैं| पर ड्राईवर शाहरुख़ खान को जानता था, उसने उसका सारा खेल समझ लिया था, शाहरुख़ सिनेमा से बनाये हुए पैसे पकिस्तान भेज देता है, जिससे आतंकवाद की फंडिंग होती है| अब उसने सवाल पूछा की क्या वो मुर्ख है जो टिकेट कटा कर परदे पे रोमांस देखे और उस पैसे से देश को नुक्सान हो? एक बच्चा खिड़की पे लटक कर पैसे मांगने लगा, मैंने जेब में हाथ डाला तो ड्राईवर ने मुझे रोका, मैंने पूछा इससे क्या टेरर फंडिंग होगी या देश को नुक्सान होगा?...