आज़ादी
...और तब साइमन मकाबिअस, जो की न्याय करता है, उस बद्धु बच्चे से पूछता है, तुम क्यों बार बार भागे जाते हो?
लड़के ने जवाब दिया, अपने घर जाने को”
चमरेवाला जो की उस बच्चे का मालिक था, उसने जवाब-तलब करते हुए कहा,
“जरा मैं भी तो सुनु इसका घर कहाँ है, मकाबी का यह स्वर्गिक देश, जहाँ पहाड़ी खेतो का सिलसिला कहीं टुटा हुआ न हो, एक सतह से दूसरी सतह, खेत पर खेत चढ़ते चले जाते हैं, और उनकी फसल इतनी हरी-भरी और ऐसी गह्गाहाकर होती है, की देखकर ख़ुशी होती है, और यह बद्धु घर जाना चाहता है, रेगिस्तान की गर्म, फिसलती हुई बालू पर खरे हुए एक गंदे चिकट खाल से बने तम्बू में, जहाँ से मैंने इसे ख़रीदा था!”
साइमन मकाबिअस ने फिर बच्चे से पूछा, तुम क्यों गर्म रेत में दुबारा जाना चाहते हो, इस स्वर्गिक देश को छोड़कर?
लड़के ने सुबकते हुए जवाब दिया, “आज़ाद होने के लिए मकाबी, आजाद होने के लिए...
Comments
Post a Comment